अभिज्ञान प्रकाश ने की टीवी पर वापसी, नए फॉर्मेट में दिखेगा शो…

अभिषेक मेहरोत्रा ।।

मशहूर पत्रकार अभिज्ञान प्रकाश एक बार फिर टीवी स्क्रीन पर लौट रहे हैं। एक लंबे ब्रेक के बाद अभिज्ञान अपना चर्चित साप्ताहिक शो ‘मुकाबला’ फिर से होस्ट करने जा रहे हैं। अभिज्ञान इस शो के माध्यम से हमेशा समसमायिक और जनता से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं। एनडीटीवी समूह के हिंदी न्यूज चैनल ‘एनडीटीवी इंडिया’ के साथ दो दशक का लंबा समय बिता चुके अभिज्ञान प्रकाश पिछले कई हफ्तो से टीवी स्क्रीन पर नजर नहीं आ रहे थे।

पहले अपने डेली शो ‘न्यूजपॉइंट’ और फिर वीकली शो ‘मुकाबला’ से अचानक अभिज्ञान के ऑफ-एयर हो जाने से उनके प्रशंसक भी काफी निराश थे। लेकिन अब वह फिर से अभिज्ञान अपने तार्किक सवालों के साथ फिर से दर्शको से रूबरू होंगे।

अभिज्ञान प्रकाश के साथ ‘मुकाबला’ 5 मई से ऑन-एयर हो रहा है। ये शनिवार को रात आठ बजे प्रसारित होगा। रिपीट टेलिकास्ट रविवार शाम 4 बजे आएगा। इस बारे में समाचार4मीडिया से बात करते हुए एनडीटीवी समूह की सीईओ सुपर्णा सिंह अभिज्ञान की वापसी के बारे में हमारे सवाल पर कहती हैं कि अभिज्ञान सदैव एनडीटीवी समूह का हिस्सा है, इसलिए उनके साथ कमबैक जैसी कोई बात नहीं है। वे आगे कहती हैं कि ये साल चुनावों की दृष्टि से अहम है, ऐसे में हमारे बड़े शो देश की राजनीति और बदलते समीकरणों पर फोकस कर रहे हैं। हार्ड न्यूज में बड़ा अनुभव रखने वाले अभिज्ञान में राजनीति को लेकर गहरी समझ और विश्लेषण क्षमता है। शो के फार्मेट के तहत हम उनकी इसी विशिष्टता पर फोकस करते हुए इस चुनावी दौर में रिपोर्टिंग को नए और बड़े आयाम पर पहुचाएंगे।

शो के बारे में बातचीत में अभिज्ञान प्रकाश ने कहा, ‘मुझे इतना प्यार देने के लिए आप सभी दर्शकों का दिल से शुक्रिया। ‘मुकाबला’ अचानक बंद नहीं हुआ था, बल्कि एनडीटीवी के साथ मेरा जितने एपिसोड का करार था, वह पूरे हो गए थे। इसलिए मेरा स्वाभाविक एक ब्रेक बनता था। मैं कुछ समय के लिए देश से बाहर चला गया था। फिर भी इसे बहुत लंबा गैप नहीं कहा जा सकता।’ शो की नई रणनीति के बारे में बताते हुए अभिज्ञान ने कहा, ‘मैं 2019 के चुनावों को देखते हुए यह मुकाबला कर रहा हूं। मुझे दो दशक से ज्यादा हो गया है हर छोटे-बड़े चुनाव को देखते हुए, लिहाजा राजनीति किस करवट बैठ रही है इसके पॉलिटिकल एनालिसिस पर मेरा ध्यान रहेगा।’

वैसे सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मीडिया गलियारों में अभिज्ञान प्रकाश के ‘मुकाबला’ के इतर नए शो को लेकर भी चर्चा चल रही है। अभिज्ञान मानते हैं कि उन चर्चाओं में दम है, हालांकि वह इस बारे में ज्यादा कहना नहीं चाहते। उन्होंने बस इतना कहा, ‘मेरी पहली प्राथमिकता ‘मुकाबला’ को वापस शुरू करने की है। यह सच है कि कई कार्यक्रमों के बारे में बातचीत चल रही है, और आगे जब कुछ होगा तो आपको बताएंगे।’

मूलरूप से उत्तर प्रदेश के वाराणसी के रहने वाले अभिज्ञान की हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू पर अच्छी पकड़ है। अभिज्ञान का शुरू से ही राजनीति की तरफ ज्यादा रुझान रहा है, हालांकि उन्होंने और भी कई विषयों पर शो किये हैं पर राजनीति पर केन्द्रित उनके कार्यक्रमों बेहद लोकप्रिय रहे हैं, खासकर ‘इलेक्शन पॉइंट’ और ‘वोट की जंग’ काफी हिट रहे। 2003 में एनडीटीवी की लॉन्चिंग के वक्त अभिज्ञान को मुंबई की कमान संभालने भेजा गया था। जहां उनके शो ‘मुंबई सेंट्रल ने जबरदस्त कामयाबी हासिल की। एक तरह से ये शो एनडीटीवी का ब्रांड शो बन गया था। यही वह दौर थे जब उन्होंने ने अंग्रेजी पत्रकारिता से हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा। देश के सबसे चर्चित तेलगी स्टाम्प पेपर घोटाले को उजागर करने का श्रेय अभिज्ञान और उनकी टीम को ही जाता है। इसके लिए उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार से भी नवाजा गया था। अभिज्ञान प्रकाश ने 1996 से अब तक लगभग सभी विधानसभा और लोकसभा चुनाव कवर किये हैं, जो अपने आप में एक मिसाल है। उन्हें ‘जय जवान’, न्यूज़पॉइंट और ‘इंडिया रॉक्स जैसे शो के लिए कई पुरस्कार भी मिले हैं।

कम ही लोगों को पता है कि म्यूजिक रिव्यू से करियर की शुरुआत करने वाले अभिज्ञान संगीत वाद्ययंत्रों को भी निपुणता से बजाना जानते हैं। किताब पढ़ने के शौकीन अभिज्ञान फुर्सत के समय में कविताएं भी लिखते हैं।

मुकाबला पर क्या कहते हैं जानकार…

‘मुकाबला’ ऐसे समय में दोबारा शुरू हो रहा है जब न्यूज़ चैनलों पर डिबेट शोज़ की भरमार है, ऐसे में अभिज्ञान प्रकाश के लिए अपने इस शो को पुन: बुलंदियों पर ले जाना कितना मुश्किल होगा? इस बारे में वरिष्ठ पत्रकार पद्मश्री आलोक मेहता ने कहा, ‘अभिज्ञान अपनी एक अलग पहचान रखते हैं। उनके कमबैक को भी उतना ही प्यार मिलेगा, जितना पहले मिलता रहा है। इसकी वजह यह है कि ‘मुकाबला’ बाकी चैनलों पर होने वाली बहस से अलग है। क्योंकि यहां जबरदस्ती का लड़ाई-झगड़ा देखने को नहीं मिलता और मैं मानता हूं कि इस तरह के कार्यक्रमों में जिस तरह के निष्पक्ष और सटीक सवाल पूछे जाने चाहिए अभिज्ञान उसमें माहिर हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि ‘मुकाबला’ इस बार पहले से ज्यादा सफल होगा।”

अमर उजाला के सलाहकार संपादक विनोद अग्निहोत्री ‘मुकाबला’ शो की यूएसपी बताते हुए कहते हैं कि किसी ज्वलंत मुद्दे पर सार्थक बहस इसी शो में होती है, सार्थक इसलिए क्योंकि इस शो में आने वाले पैनलिस्ट उस मुद्दे के विशेषज्ञ होते हैं, जिस पर चर्चा होनी है। इसी के चलते दर्शकों को विषय को गहनता से समझने का मौका मिलता है। शो की खासियत है कि इसमें चिल्लम-चिल्ली नहीं होती है। शो के एंकर अभिज्ञान की विशेषता है कि वे सभी पैनलिस्ट को उचित समय देते है ताकि उनके मन की बात या उनका व्यू वे पूरी तरह से व्यक्त कर पाएं। उसके बाद अभिज्ञान अपनी रिसर्च और अनुभव के चलते जिस तरह के काउंटर सवाल पूछते हैं, वे काबिल-ए-तारीफ हैं, आज के एंकरों में इस तरह की हाजिरजवाबी का अभाव दिखता है। समय की सीमा के बावजूद मुद्दे का समाधान निकालना इस शो को एक गंभीर स्वरूप देता है।

‘द पॉयनियर’ समूह के एडिटोरियल डायरेक्टर अमित गोयल कहते हैं, ‘पॉलिटिकल कमेन्ट्री और एनालिसिस में अभिज्ञान प्रकाश का कोई सानी नहीं है। मुझे याद है बिहार विधानसभा चुनाव के वक़्त उन्होंने मुझसे कहा था कि उनके विश्लेषण के अनुसार लालू यादव की सबसे ज्यादा सीटें आएंगी और बाकायदा ऐसा हुआ भी। अभिज्ञान जिस निष्पक्ष तरीके से शो कंडक्ट करते हैं, उससे मुझे लगता है कि ‘मुकाबला’ इस बार भी लोकप्रिय होगा। अभिज्ञान की सबसे अच्छी बात है कि वो किसी पार्टी के प्रति झुकाव नहीं रखते। एक पत्रकार में इससे अच्छी क्वालिटी और क्या हो सकती है। वो सबको बोलने का पूरा मौके देते हैं फिर अपना पक्ष रखते हैं। मैं एनडीटीवी को बधाई देता हूं कि उन्होंने फिर से अभिज्ञान को अपने साथ लाने का फैसला लिया। मुझे पूरी उम्मीद है कि अभिज्ञान के कमबैक में उनकी पुरानी वाली छाप देखने को मिलेगी’।